About College

  • कपिलदेव परमेश्वरी मेमोरियल स्नातकोत्तर महाविद्यालय

    About College

    शिक्षा मानव जीवन को समृद्धि प्रदान करने का एक शशक्त साधन है। यह एक निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से एक बालक आगे चलकर समाज का एक कुशल नागरिक बनता है। शिक्षा का श्रीगणेश मानव के जन्म के पूर्व से ही हो जाता है, किन्तु समाज में विशिष्ट स्थान प्राप्त करने के लिए उच्च शिक्षा की आवश्यकता होती है। उच्च शिक्षा शिक्षार्थी में पूर्ण मानवीय गुणों एवं उदात्तता को परिपूर्ण करती है। यह व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, आध्यात्मिक व सामाजिक गुणों का विकास कर उसे उसके सांस्कृतिक विरासतों से जोड़ने का कार्य करती है। उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल व्यक्ति के बौद्धिक विकास तक ही सीमित न होकर उसमें अन्तर्निहित रचनात्मकता व मानवीयता को विकसित करना भी है। समाज में आज चारों ओर मूल्यहीनता, आदर्श शून्यता, साम्प्रदायिकता, क्षेत्रीयता की अधिकता हो गयी है, अतएव इस सभी बुराइयों से मुक्ति दिलाने में उच्च शिक्षा का महत्व और अधिक बढ़ गया है।

    देश व समाज के सर्वांगीण विकास हेतु छात्र/छात्राओं को न केवल शिक्षित करना वरन् आधुनिक परिवेश में उन्हें ज्ञान-विज्ञान की समुचित शिक्षा से अलंकृत करने की महती आवश्यकता है। समाज की इस महती आवश्यकता को ध्यान में रखकर बलिया जनपद के रतसर की धरती पर, जो उच्च शिक्षा के केन्द्र से पूर्णतया वंचित थी, महाविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया गया। गाँव-गरीब, कमजोर, वंचित व विशेष रुप से छात्र को उच्च-शिक्षा सुलभ कराने का संकल्प ही महाविद्यालय कपिलदेव परमेश्वरी मेमोरियल स्नातकोत्तर महाविद्यालय के रूप में साकार हुआ।

    मानव जीवन की सार्थकता, मानव निर्माण की सोच सामाजिक सद्भाव, समाज के निर्बल व कमजोर वर्ग के बच्चों की उच्च शिक्षा विशेषकर बालिका शिक्षा आदि-इत्यादि अनेक विचारों ने इस महाविद्यालय के संस्थापक को उद्वेलित किया। वैसे विद्या, विनय एवं अनुशासन की गरिमा के प्रति छात्र-जीवन से ही श्री सिंह के मन में अनुराग रहा है, जिसे ईश्वरीय प्रेरणा अथवा पूर्व जन्मों का संस्कार कहा जा सकता है। उच्च शिक्षा ग्रामीण क्षेत्र की आवश्यक आवश्यकता है और अति पिछड़े क्षेत्र में जहाँ गरीब किसान ही बसते हैं, वहाँ छात्र की उच्च शिक्षा की व्यवस्था परम आवश्यक है। इन विचारों ने मन में महाविद्यालय की स्थापना का बीजारोपण किया।

    आज यह महाविद्यालय अपने शैक्षिक तथा शिक्षणेत्तर क्रिया-कलापों के माध्यम से जनपद में ही नहीं बल्कि विश्वविद्यालय में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाने में सफल है। आशा है कि आगे आने वाले समय में विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर रहते हुए, यह महाविद्यालय इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को सार्थक एवं उपयोगी शिक्षा सुलभ कराता रहेगा।